Sanatan Info

बीटा AI
Group
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

अप्सरा

Apsarases

अप्सराएँ स्वर्ग की दिव्य नर्तकियाँ हैं, जो समुद्र-मन्थन से प्रकट हुई मानी जाती हैं और इन्द्र की सभा को सुशोभित करती हैं; उर्वशी, मेनका, रम्भा और तिलोत्तमा उनमें प्रसिद्ध हैं। पुराणों में वे प्रायः तपस्वियों की परीक्षा के प्रसङ्ग में आती हैं और गन्धर्वों की सहचरी हैं। भा. २.१.३६ में विराट्पुरुष के अङ्गों की गणना में उन्हें गन्धर्व, विद्याधर और चारणों के साथ भगवान् की स्वर-स्मृति कहा गया है, जिससे यह सूचित होता है कि सौन्दर्य और लय भी उसी विश्वरूप के भीतर स्थित हैं।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.1.36 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=332515)