दैत्येन्द्र — नरसिंह के नखों से विदीर्ण
'दैत्येन्द्रमूर्जितम्... करजैः' (भा. १.३.१८)।
Hiranyakashipu
अन्य नाम दैत्येन्द्र · Daityendra (lord of the Daityas)
हिरण्यकशिपु — पौराणिक असुर-साम्राज्य का महानतम दैत्य सम्राट: कश्यप-दिति का पुत्र, प्रह्लाद का पिता, जिसके अहंकार और वरदान के विनाश की कथा नृसिंह-अवतार का केन्द्र है। भा. १.३.१८ में ये ही 'दैत्येन्द्र' हैं जिन्हें नृसिंह ने नखों से विदीर्ण किया (विशेषण प्रत्यक्ष; नाम सर्वमान्य परम्परा से)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.18 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
'दैत्येन्द्रमूर्जितम्... करजैः' (भा. १.३.१८)।