ग्रंथ
जय
Jaya
'जय' — महाभारत का प्राचीन नाम है ('जय' अर्थात् विजय-ग्रंथ, जिसका उल्लेख महाभारत के भीतर भी आता है)। भा. १.२.४ में विधि है कि नारायण, नर, सरस्वती और व्यास को नमस्कार करके 'जय' का उच्चारण करें। यह पहचान कि जय = महाभारत, पारम्परिक है — पाठ इसे स्पष्ट नहीं करता, अतः यह entity पृथक रखी गई है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.2.4 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110173)