कृपी
Kripi
अन्य नाम गौतमी
कृपी (गौतमी) — शरद्वान् गौतम की कन्या, कृपाचार्य की जुड़वाँ बहन, द्रोणाचार्य की पत्नी और अश्वत्थामा की माता। भा. १.७.४५ में 'वीरसू कृपी' के रूप में द्रोण की अर्धांगिनी कही गई हैं। भा. १.७.४७ में द्रौपदी उन्हीं का स्मरण करके अश्वत्थामा के प्राणों की भिक्षा माँगती हैं — 'इसकी माता गौतमी न रोए, जैसे मैं रो रही हूँ।'
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.7.45 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110178)
कृपी का द्रोण के साथ सम्बन्ध: पत्नी। स्रोत प्रमाण (SB 1.7.45): कृपी द्रोण की पत्नी है: 'तस्यात्मनोऽर्धं पत्न्याः… कृपी' (भा. १.७.४५) तथा 'अस्य जननी गौतमी' (भा. १.७.४७) — अश्वत्थामा की माता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
माता Ashvatthama राजाकृपी का अश्वत्थामा के साथ सम्बन्ध: माता। स्रोत प्रमाण (SB 1.7.47): अश्वत्थामा कृपी का पुत्र है: 'मा रोदीदस्य जननी गौतमी' (भा. १.७.४७) — 'इसकी माता'। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
बहन Kripacharya ऋषिकृपी का कृपाचार्य के साथ सम्बन्ध: बहन। स्रोत प्रमाण (SB 1.10.9): कृपाचार्य कृपी के जुड़वाँ भाई हैं; भा. १.१०.९ में 'गौतम' नाम से उपस्थित, और कृपी भा. १.७.४७ में 'गौतमी' कही गई हैं — दोनों शरद्वान् गौतम की सन्तान। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।