त्रयी से वंचितों के लिए रचा गया
'स्त्रीशूद्रद्विजबन्धूनां त्रयी न श्रुतिगोचरा' (भा. १.४.२५)।
Mahabharata
महाभारत — विश्व का दीर्घतम महाकाव्य (लगभग १ लाख श्लोक): व्यास-विरचित, कुरु-पाण्डव युद्ध का इतिहास, भगवद्गीता इसी में; भारतीय संस्कृति का विश्वकोश। भा. १.४.२५ में व्यास ने स्त्री-शूद्र-द्विजबन्धुओं के लिए करुणा से 'भारतमाख्यानं' रचा; १.४.२९ में इसके द्वारा आम्नायार्थ प्रकाशित।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.4.25 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110175)
'स्त्रीशूद्रद्विजबन्धूनां त्रयी न श्रुतिगोचरा' (भा. १.४.२५)।
'भारतव्यपदेशेन ह्याम्नायार्थश्च दर्शितः' (भा. १.४.२९)।