मैत्रेय बताते हैं कि प्रजा-संयमन भगवान् यम माण्डव्य के शाप से उत्पन्न हुए: 'माण्डव्यशापाद्भगवान् प्रजासंयमनो यमः' (भा. ३.५.२०)। इस स्कन्ध में माण्डव्य का यही एक उल्लेख है, और शाप ही उनकी पहचान का आधार है।
माण्डव्य
Mandavya
माण्डव्य — ऋषि, जिनके शाप से यम का जन्म बताया गया है। भा. ३.५.२० में मैत्रेय विदुर को बताते हैं: 'माण्डव्यशापाद्भगवान् प्रजासंयमनो यमः । भ्रातुः क्षेत्रे भुजिष्यायां जातः सत्यवतीसुतात्' — प्रजाओं का संयमन करने वाले भगवान् यम, माण्डव्य के शाप से, अपने भ्राता के क्षेत्र में, एक भुजिष्या से, सत्यवती के पुत्र से उत्पन्न हुए। तीसरे स्कन्ध में माण्डव्य का यही एक उल्लेख है; भागवत इस अध्याय में शाप की कथा विस्तार से नहीं कहता, केवल उसके फल को जन्म का कारण बताता है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.5.20 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)