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माया

Maya

अन्य नाम आत्ममाया · Atma-maya (the Lord's own potency)

माया — भगवान् की स्वीय शक्ति (आत्ममाया) है: वह त्रिगुणात्मक रचनाशीला शक्ति जो निर्गुण ब्रह्म का सगुण विस्तार (जगत्) प्रकट करती है; वेदान्त में अविद्या के अर्थ में भी व्यपृत। संसाधित पदों में: निर्गुण भगवान् ने आदि में इसी से, सत्-असत् रूप में, संसार का सृजन किया (भा. १.२.३०); इसी के विलास-गुणों में प्रविष्ट होकर वे गुणवान्-से प्रतीत होते हैं (१.२.३१); इसी से वे स्वैर लीलाएँ करते हैं (१.१.१८)।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.2.30 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110173)