धरित्रा (पृथ्वी) का पुत्र नरकासुर संग्राम में अपने शरीर से आकाश को निगल रहा था; सुनाभ (सुदर्शन) चक्र द्वारा विमथित होकर वह मारा गया, और उसकी माता की प्रार्थना पर कृष्ण ने उसका राज्य उसके पुत्र को लौटा दिया (भा. ३.३.६)।
Asura
नरकासुर
Narakasura
नरकासुर (भौम) — पृथ्वी (भूमि) का पुत्र होने से 'भौम' कहलाए; प्राग्ज्योतिषपुर (आधुनिक असम क्षेत्र) के अत्याचारी असुर-राजा। उन्होंने देवताओं को पीड़ित किया, अदिति के कुण्डल और वरुण का छत्र हर लिया, तथा सहस्रों राजकन्याओं को बन्दी बनाया। कृष्ण ने सत्यभामा सहित जाकर उनका वध किया और सोलह सहस्र बन्दी स्त्रियों को मुक्त कराया — भा. १.१०.२९ में 'याश्चाहृता भौमवधे सहस्रशः' इसी का सङ्केत है। इसी विजय के स्मरण में नरक-चतुर्दशी मनाई जाती है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.10.29 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110181)
आकाश को निगलते हुए सुदर्शन द्वारा वध