Sanatan Info

बीटा AI
Asura
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

पंचजन

Pancajana

पंचजन — असुर, जिसके उदर में सांदीपनि का मृत पुत्र था। भा. ३.३.२ में उद्धव कहते हैं कि कृष्ण ने सांदीपनि से एक ही बार कहे गये वेद को सीखकर, गुरु को वरदान में उनका मृत पुत्र 'पंचजनोदरात्' — पंचजन के उदर से — निकालकर लौटा दिया। भागवत में पंचजन का यही एक उल्लेख इस स्कन्ध में आता है; विस्तृत कथा दशम स्कन्ध में है।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.3.2 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)