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पृथु

Prithu

अन्य नाम पार्थिवं वपुः · Parthiva-vapu (the earthly form)

ऋषि-आग्रहित अवतार; पृथ्वी को उर्वर करने वाले

'ऋषिभिर्याचितो भेजे नवमं पार्थिवं वपुः' (भा. १.३.१४)।

वसुधा से समस्त वसुओं का दोहन (भा. २.७.९ का पुनःसमर्थन)

'दुग्धा वसूनि वसुधा सकलानि येन' (भा. २.७.९)। यही कर्म भा. १.३.१३ में भी कथित है, जहाँ सम्बन्ध prithu→milked→earth पहले ही अभिलिखित है; यहाँ केवल नया प्रमाण जोड़ा गया है।

पृथु — avatara of — श्रीकृष्ण

नवम: ऋषियों के आग्रह पर भगवान् ने पार्थिव वपु धारण किया — पृथु, सर्वसम्मत पाठ: 'ऋषिभिर्याचितो भेजे नवमं पार्थिवं वपुः' (भा. १.३.१४)। प्रमाण: तादात्म्य प्रबल साक्ष्य; धारणा प्रत्यक्ष।

पृथु — milked — पृथ्वी

पृथु के द्वारा पृथ्वी-रूप गाय से औषधि-रस दुहा गया: 'दुग्धेमामोषधीः' (भा. १.३.१४)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।