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नैमिषारण्य के ऋषिगण

Sages of Naimisharanya

अन्य नाम शौनकादयः · Rishis headed by Shaunaka

नैमिषारण्य के ऋषिगण — performed sacrifice at — नैमिषारण्य

ऋषियों ने अनिमिषक्षेत्र नैमिष में स्वर्ग तथा लोकों के हित के लिए सहस्र-वर्षीय सत्र किया: 'सत्रं स्वर्गाय लोकाय सहस्रसममासत' (भा. १.१.४)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

नैमिषारण्य के ऋषिगण — honored — सूत

ऋषियों ने प्रश्न से पूर्व आसीन सूत का यथोचित सत्कार किया: 'सत्कृतं सूतमासीनम्' (भा. १.१.५)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

नैमिषारण्य के ऋषिगण — questioned — सूत

प्रातःकालीन हवन पूर्ण कर ऋषियों ने श्रद्धापूर्वक सूत से पूछा: 'पप्रच्छुरिदमादरात्' (भा. १.१.५)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

नैमिषारण्य के ऋषिगण — asked about — श्रीकृष्ण

ऋषियों का प्रश्न कृष्ण-विषयक था जिससे आत्मा परम संतुष्ट होती है: 'यत्कृतः कृष्णसंप्रश्नो येनात्मा सुप्रसीदति' (भा. १.२.५)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।