सञ्जय
Sanjaya
अन्य नाम गावल्गणिः
सञ्जय (गावल्गणि) — गवल्गण के पुत्र, धृतराष्ट्र के सूत, मन्त्री और अनन्य सेवक। व्यास से प्राप्त दिव्य-दृष्टि के बल पर उन्होंने कुरुक्षेत्र-युद्ध का प्रत्यक्ष वर्णन अन्धे राजा को सुनाया — भगवद्गीता का सम्पूर्ण संवाद उन्हीं के मुख से हस्तिनापुर तक पहुँचा। भा. १.१३.३२–३७ में युधिष्ठिर उन्हीं से माता-पिता के विषय में पूछते हैं, और स्वामी के चले जाने से विरह-कृश सञ्जय पहले उत्तर ही नहीं दे पाते, फिर स्वीकार करते हैं — 'उन महात्माओं ने मुझे ठग लिया, मैं उनका निश्चय नहीं जानता।'
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.13.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110184)