Sanatan Info

बीटा AI
सिद्धांत
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

सर्ग

Sarga

अन्य नाम Prakrita-sarga (the natural creation)

दशविध सर्ग — छह प्राकृत, तीन वैकृत और देव-सर्ग

भा. ३.१०.१३-१७ में छह प्राकृत सर्ग गिनाये गये हैं: आद्य महत् से (१४), द्वितीय अहं से (१५), तृतीय भूत-सर्ग तन्मात्र (१५), चतुर्थ ऐन्द्रिय (१६), पञ्चम वैकारिक देव-सर्ग जिससे मन (१६), और षष्ठ तामस (१७)। भा. ३.१०.१८-२५ में वैकृत सर्ग आते हैं: सप्तम मुख्य सर्ग षड्विध स्थावरों का (१८-१९), अष्टम तिर्यक् अट्ठाईस प्रकार का (२०), और नवम अर्वाक्स्रोत मनुष्यों का (२५)। भा. ३.१०.२८ में इन दश को 'विश्वसृक्कृताः' — विश्वसृज् द्वारा कृत — कहा गया है।