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सत्यभामा

Satyabhama

सत्यभामा — सत्राजित् की कन्या और कृष्ण की प्रमुख रानियों में से एक; स्यमन्तक मणि के प्रकरण के पश्चात् उनका विवाह हुआ। तेजस्विनी और अभिमानिनी स्वभाव के लिए प्रसिद्ध; नरकासुर-वध में वे स्वयं कृष्ण के साथ रथ पर गईं और युद्ध में सहभागी हुईं, जिसके फलस्वरूप सोलह सहस्र बन्दी स्त्रियाँ मुक्त हुईं (तुलना: भा. १.१०.२९)। इन्हीं के लिए कृष्ण इन्द्र-लोक से पारिजात वृक्ष ले आए — भा. १.१४.३७ में इसी का सङ्केत है कि 'सत्यभामा आदि स्त्रियाँ युद्ध में देवताओं को जीतकर इन्द्र-प्रिया के योग्य वस्तुएँ हर लाती हैं'।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.14.37 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110185)