देवता
वरुण
Varuna
वरुण जल और समुद्र के अधिपति तथा ऋत के रक्षक हैं; ऋग्वेद में वे मित्र के साथ आदित्यों में सर्वोच्च नैतिक देवता हैं, जो पाश हाथ में लिए असत्य और पाप को बाँधते हैं और जिनकी दृष्टि से कुछ छिपा नहीं रहता। पुराणों में उनका स्थान अधिक सीमित होकर पश्चिम दिशा के लोकपाल और जल-देवता का रह जाता है, और 'प्रचेता' उनका प्रसिद्ध नाम है। भा. २.३.७ में कोश अर्थात् धन-भण्डार की कामना वाले को 'प्रचेतसम्' के यजन का विधान है — समुद्र के स्वामी होने के कारण वे निधियों के भी अधिपति माने जाते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.3.7 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=201379)