कृष्ण इन्हीं से उत्पन्न हुए: 'वसुदेवस्य... जातः' (भा. १.१.१२)।
वसुदेव
Vasudeva
अन्य नाम आनकदुन्दुभिः
वसुदेव — कृष्ण के पिता हैं: यादव-कुल के शूरसेन-वंशीय प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, देवकी के पति; कृष्ण का 'वासुदेव' विशेषण इन्हीं के नाम से बना है (व्यक्ति-नाम 'वसुदेव' और कृष्ण का उपनाम 'वासुदेव' भिन्न रखे गए हैं)। संसाधित पदों में: कृष्ण इन्हीं से उत्पन्न होकर देवकी में जन्मे — 'देवक्यां वसुदेवस्य जातो यस्य चिकीर्षया' (भा. १.१.१२)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.1.12 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110172)
वसुदेव का शूरसेन के साथ सम्बन्ध: पुत्र। स्रोत प्रमाण (SB 1.14.26): वसुदेव शूर के पुत्र हैं: भा. १.१४.२६ में युधिष्ठिर शूर को अपना 'मातामह' और वसुदेव को 'मातुल' कहते हैं — अर्थात् शूर कुन्ती और वसुदेव दोनों के पिता। दिशा: पुत्र → पिता। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
पिता Krishna देवतावसुदेव का श्रीकृष्ण के साथ सम्बन्ध: पिता। स्रोत प्रमाण (SB 1.1.12): सात्वतेश्वर भगवान् वसुदेव से उत्पन्न होकर देवकी में जन्मे: 'देवक्यां वसुदेवस्य जातो यस्य चिकीर्षया' (भा. १.१.१२) — षष्ठी 'वसुदेवस्य' पिता-वाचक। प्रमाण: प्रत्यक्ष। दिशा: कृष्ण → पिता।
भाई Kunti Humanवसुदेव का कुन्ती के साथ सम्बन्ध: भाई। स्रोत प्रमाण (SB 1.14.26): कुन्ती वसुदेव की बहन हैं: भा. १.१४.२६ में वसुदेव युधिष्ठिर के 'मातुल' (मामा) कहे गए हैं, और भा. १.१४.२७ में देवकी आदि उनकी 'मातुलानी' — इससे कुन्ती और वसुदेव का भाई-बहन सम्बन्ध सिद्ध होता है। यही कृष्ण के 'मातुलेय' (भा. १.९.२०) होने का आधार है। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।