भगवान् ने आदिकवि को हृदय द्वारा ब्रह्म-ज्ञान दिया: 'तेने ब्रह्म हृदा य आदिकवये' (भा. १.१.१)।
वेद
Vedas
अन्य नाम श्रुति · निगमकल्पतरु · वेदतरुः · त्रयी · Shruti · Nigama-kalpa-taru (the wish-yielding tree of the Vedas) · Veda-taru (the tree of the Vedas) · Trayi (the threefold Veda)
वेद — हिन्दू धर्म के सर्वप्राचीन प्रामाणिक ग्रंथ: ऋग्, यजुः, साम, अथर्व चार संहिताएँ और उनके ब्राह्मण-आरण्यक-उपनिषद् साहित्य; संकलन परम्परा में व्यास से जुड़ा। भा. १.३.२१ में व्यास ने एक वेद का चार विभागों में विभाजन किया; भा. १.४.२० में चार नाम उल्लिखित; इतिहास-पुराण पाँचवा वेद घोषित; भागवत वेद-कल्पतरु का फल (१.१.३)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.1.1 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110172)
वेद, यज्ञ, योग और क्रियाएँ सब वासुदेव के लिए हैं: 'वासुदेवपरा वेदाः' (भा. १.२.२८)।
'शिष्यैः प्रशिष्यैस्तच्छिष्यैर्वेदास्ते शाखिनोऽभवन्' (भा. १.४.२३)।
वेद पूर्णतः वासुदेव के लिए हैं: 'वासुदेवपरा वेदाः' (भा. १.२.२८)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।