भा. ३.५.२० में यम को 'प्रजासंयमन' कहकर, माण्डव्य के शाप से, अपने भ्राता के क्षेत्र में एक भुजिष्या से और सत्यवती-पुत्र से उत्पन्न बताया गया है: 'भ्रातुः क्षेत्रे भुजिष्यायां जातः सत्यवतीसुतात्'।
देवता
यम
Yama
यम (यमराज, धर्मराज) — विवस्वान् (सूर्य) के पुत्र, मृत्यु और धर्म के अधिष्ठाता देवता, दक्षिण दिशा के लोकपाल; प्राणियों के कर्मानुसार न्याय करने वाले। यमी (यमुना) उनकी बहन हैं। माण्डव्य ऋषि को अकारण शूली का दण्ड देने के कारण उन्हें शाप मिला और वे सौ वर्ष तक शूद्र-योनि में विदुर के रूप में जन्मे — भा. १.१३.१५ में यही कहा गया है कि उस अवधि में अर्यमा ने दण्ड-भार सँभाला। युधिष्ठिर भी धर्म के अंश से उत्पन्न होने के कारण 'धर्मसुत' कहलाते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.13.15 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110184)
माण्डव्य-शाप से भ्रातृ-क्षेत्र में जन्म