देवहूति
Devahuti
देवहूति स्वायम्भुव मनु और शतरूपा की पुत्री, कर्दम प्रजापति की पत्नी और भगवान् कपिल की माता हैं। भागवत के तृतीय स्कन्ध में उनका आख्यान वैष्णव परम्परा का एक विशिष्ट प्रसङ्ग है, क्योंकि वहाँ पुत्र ही माता का गुरु बनता है: कपिल उन्हें सांख्य और भक्ति का उपदेश देते हैं, जिसे 'कापिल-गीता' कहा जाता है। भा. २.७.३ इस सम्बन्ध को सीधे कहता है — 'ऊचे… स्वमात्रे' — और यह भी कि उसी उपदेश से वे गुण-सङ्ग रूपी पङ्क और आत्म-मल को इसी जन्म में धोकर कपिल की गति को प्राप्त हुईं, अर्थात् उन्हें प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.7.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=200170)
देवहूति का कपिल के साथ सम्बन्ध: माता। स्रोत प्रमाण (SB 2.7.3): कपिल कर्दम के घर देवहूति से उत्पन्न हुए और उन्होंने अपनी माता को ही आत्मगति का उपदेश दिया: 'जज्ञे च कर्दमगृहे द्विज देवहूत्यां… ऊचे… स्वमात्रे' (भा. २.७.३)। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
Wife Kardama Humanदेवहूति का कर्दम के साथ सम्बन्ध: पत्नी। स्रोत प्रमाण (SB 2.7.3): देवहूति कर्दम की पत्नी हैं; कपिल का जन्म 'कर्दमगृहे… देवहूत्यां' नौ कन्याओं सहित हुआ (भा. २.७.३)। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य। अतिरिक्त प्रमाण (SB 3.12.27): देवहूति का कर्दम के साथ सम्बन्ध: पत्नी। स्रोत प्रमाण (SB 3.12.27): भा. ३.१२.२७ में कर्दम को 'देवहूत्याः पतिः' कहा गया है और ३.१२.५६ में मनु ने मध्यमा कन्या देवहूति को कर्दम को दिया: 'कर्दमाय तु मध्यमाम्'।