'दह्यमानेऽग्निभिर्देहे पत्युः पत्नी सहोटजे बहिः स्थिता पतिं साध्वी तमग्निमनु वेक्ष्यति' (भा. १.१३.५८); वे पति के पीछे हिमालय गई थीं (भा. १.१३.३०)।
गान्धारी
Gandhari
अन्य नाम सौबली
गान्धारी — गान्धार-नरेश सुबल की कन्या, धृतराष्ट्र की पत्नी और सौ कौरवों की माता। पति के अन्धत्व के प्रति सहानुभूति से उन्होंने आजीवन नेत्रों पर पट्टी बाँधे रखी — पातिव्रत्य का प्रसिद्ध उदाहरण। भा. १.८.३ में वे 'पुत्रशोकार्ता' — पुत्रों के शोक से पीड़ित — कही गई हैं, और कृष्ण द्वारा सान्त्वना पाने वालों में हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.8.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=196197)
गान्धारी का सुबल के साथ सम्बन्ध: पुत्री। स्रोत प्रमाण (SB 1.13.30): गान्धारी सुबल की कन्या हैं: 'पतिं प्रयान्तं सुबलस्य पुत्री पतिव्रता चानुजगाम साध्वी' (भा. १.१३.३०); भा. १.१३.३१ में उन्हें 'सौबली' भी कहा गया है। दिशा: कन्या → पिता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
Wife Dhritarashtra राजागान्धारी का धृतराष्ट्र के साथ सम्बन्ध: पत्नी। स्रोत प्रमाण (SB 1.8.3): गान्धारी धृतराष्ट्र की पत्नी है; भा. १.८.३ में दोनों साथ बैठे हैं और गान्धारी 'पुत्रशोकार्ता' है — उनके पुत्र कौरव हैं। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।