'छित्त्वा स्वेषु स्नेहपाशान्द्रढिम्नो निश्चक्राम भ्रातृसन्दर्शिताध्वा' (भा. १.१३.२९) — 'प्रज्ञाचक्षुः', नेत्रहीन होकर भी प्रज्ञा से देखने वाले।
धृतराष्ट्र
Dhritarashtra
अन्य नाम आजमीढः · कुरुपतिः
धृतराष्ट्र — विचित्रवीर्य और अम्बिका के पुत्र, जन्म से अन्धे; पाण्डु के ज्येष्ठ भ्राता और हस्तिनापुर के राजा। गान्धारी के पति तथा दुर्योधन आदि सौ कौरवों के पिता। भा. १.८.३ में युद्धोपरान्त 'कुरुपति' के रूप में शोक-मग्न बैठे हैं, जहाँ कृष्ण उन्हें काल की अप्रतिकार्य गति दिखाकर सान्त्वना देते हैं। भा. १.१३ में विदुर के उपदेश से वे गृह-त्याग कर तपस्या के लिए निकल जाते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.8.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=196197)
धृतराष्ट्र का विदुर के साथ सम्बन्ध: भाई। स्रोत प्रमाण (SB 1.13.29): विदुर धृतराष्ट्र के अनुज हैं: 'एवं राजा विदुरेणानुजेन' (भा. १.१३.२९) तथा 'भ्रातुर्ज्येष्ठस्य श्रेयस्कृत्' (भा. १.१३.१४) — विदुर ज्येष्ठ भ्राता का कल्याण करते हैं। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
धृतराष्ट्र का विदुर के साथ सम्बन्ध: शिष्य। स्रोत प्रमाण (SB 1.13.18): विदुर ने धृतराष्ट्र को गृह-त्याग का उपदेश दिया: 'राजन् निर्गम्यतां शीघ्रं पश्येदं भयमागतम्' (भा. १.१३.१८) से लेकर 'अथोदीचीं दिशं यातु' (भा. १.१३.२८) तक; इसी से प्रबोधित होकर वे निकल पड़े (भा. १.१३.२९)। दिशा: उपदेष्टा → उपदिष्ट। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
पिता Duryodhana राजाधृतराष्ट्र का दुर्योधन के साथ सम्बन्ध: पिता। स्रोत प्रमाण (SB 3.1.6): दुर्योधन धृतराष्ट्र के पुत्र हैं; भा. ३.१.६ में धृतराष्ट्र 'स्वसुतान् असधून् पुष्णन्' (अपने दुष्ट पुत्रों का पोषण करते हुए) कहे गये हैं, और ३.१.१४ में सुयोधन का परिचय 'भ्रातुः पुरो' (भाई के सामने) के साथ दिया गया है।
Husband Gandhari Humanधृतराष्ट्र का गान्धारी के साथ सम्बन्ध: पति। स्रोत प्रमाण (SB 1.8.3): गान्धारी धृतराष्ट्र की पत्नी है; भा. १.८.३ में दोनों साथ बैठे हैं और गान्धारी 'पुत्रशोकार्ता' है — उनके पुत्र कौरव हैं। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
'जितासनो जितश्वासः प्रत्याहृतषडिन्द्रियः' (भा. १.१३.५४); घटाकाश-न्याय से ब्रह्म में विलय (भा. १.१३.५५); पाँचवें दिन देह-त्याग की भविष्यवाणी (भा. १.१३.५७)।
धृतराष्ट्र को 'तमो जुषाणः' और 'अधर्मेण विनष्टदृष्टिः' कहा गया है: 'न याचतोऽदात्समयेन दायं तमो जुषाणो यदजातशत्रोः' (भा. ३.१.६, ८)।