'विपदः सन्तु ताः शश्वत्तत्र तत्र जगद्गुरो भवतो दर्शनं यत्स्यादपुनर्भवदर्शनम्' (भा. १.८.२५) — भागवत की सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रार्थनाओं में से एक।
कुन्ती
Kunti
अन्य नाम पृथा · Pritha
कुन्ती (पृथा) — शूरसेन की कन्या, वसुदेव की बहन और इस प्रकार कृष्ण की बुआ; कुन्तिभोज द्वारा गोद ली जाने से 'कुन्ती' कहलाईं। पाण्डु की पत्नी तथा युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माता। दुर्वासा से प्राप्त मन्त्र के प्रभाव से कर्ण उनके प्रथम पुत्र हुए। भा. १.८.१८–४३ की 'कुन्ती-स्तुति' भागवत की सर्वाधिक प्रसिद्ध स्तुतियों में से एक है, जिसमें वे विपत्ति को वरदान मानती हैं — 'विपदः सन्तु ताः शश्वत्' (भा. १.८.२५) — और अन्त में रक्षा नहीं, अपितु स्नेह-पाश के छेदन तथा गङ्गा-प्रवाह-सी अविच्छिन्न भक्ति की याचना करती हैं (भा. १.८.४१–४२)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.8.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=196197)
कुन्ती का पाण्डु के साथ सम्बन्ध: पत्नी। स्रोत प्रमाण (SB 1.8.7): कुन्ती पाण्डु की पत्नी है; भा. १.८.७ में पाण्डवों को 'पाण्डुपुत्र' कहा गया है और भा. १.८.२३ में कुन्ती उन्हें अपने पुत्र कहती हैं। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
माता Yudhishthira राजाकुन्ती का युधिष्ठिर के साथ सम्बन्ध: माता। स्रोत प्रमाण (SB 1.9.13): युधिष्ठिर कुन्ती (पृथा) का पुत्र है: भा. १.९.१३ में भीष्म पृथा को 'बालप्रजा वधू' कहकर पाण्डवों की माता बताते हैं; भा. १.८.२३ में कुन्ती 'सहात्मजा' कहती हैं। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
पुत्री Shurasena राजाकुन्ती का शूरसेन के साथ सम्बन्ध: पुत्री। स्रोत प्रमाण (SB 1.14.26): कुन्ती शूर की कन्या हैं: 'शूरो मातामहः' (भा. १.१४.२६) — युधिष्ठिर के मातामह, अर्थात् माता कुन्ती के पिता। दिशा: कन्या → पिता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
बहन Vasudeva Humanकुन्ती का वसुदेव के साथ सम्बन्ध: बहन। स्रोत प्रमाण (SB 1.14.26): कुन्ती वसुदेव की बहन हैं: भा. १.१४.२६ में वसुदेव युधिष्ठिर के 'मातुल' (मामा) कहे गए हैं, और भा. १.१४.२७ में देवकी आदि उनकी 'मातुलानी' — इससे कुन्ती और वसुदेव का भाई-बहन सम्बन्ध सिद्ध होता है। यही कृष्ण के 'मातुलेय' (भा. १.९.२०) होने का आधार है। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
माता Arjuna राजाकुन्ती का अर्जुन के साथ सम्बन्ध: माता। स्रोत प्रमाण (SB 1.9.13): अर्जुन कुन्ती का पुत्र है; भा. १.९.१३ में पृथा के बालक-पुत्रों में तथा भा. १.८.२३ में 'सहात्मजा' में सम्मिलित। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
माता Bhimasena राजाकुन्ती का भीम के साथ सम्बन्ध: माता। स्रोत प्रमाण (SB 1.9.13): भीमसेन कुन्ती का पुत्र है; भा. १.९.१३ तथा भा. १.८.२३ के अनुसार। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।
'स्नेहपाशमिमं छिन्धि दृढं पाण्डुषु वृष्णिषु' (भा. १.८.४१) — रक्षा नहीं, वैराग्य माँगा।
'रतिमुद्वहतादद्धा गङ्गेवौघमुदन्वति' (भा. १.८.४२)।
'संस्थितेऽतिरथे पाण्डौ पृथा बालप्रजा वधूः युष्मत्कृते बहून् क्लेशान् प्राप्ता' (भा. १.९.१३)।
'एकान्तभक्त्या भगवत्यधोक्षजे निवेशितात्मोपररास संसृतेः' (भा. १.१५.३३) — भा. १.८.४१–४२ की उनकी प्रार्थना का फल।
कुन्ती पाण्डवों की माता है: 'विमोचिताहं च सहात्मजा' (भा. १.८.२३) — 'मैं अपने पुत्रों सहित'; तथा भा. १.८.४१ में वे पाण्डवों को 'स्वकेषु' कहती हैं। दिशा: माता → पुत्र। प्रमाण: प्रबल साक्ष्य।