Sanatan Info

बीटा AI
ऋषि
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

सनत्कुमार

Sanatkumara

निवृत्ति-धर्म में रत; संकर्षण से उपदिष्ट

भा. ३.८.७ में सनत्कुमार को 'निवृत्तिधर्माभिरताय' — निवृत्ति-धर्म में रत — कहा गया है, और भगवत्तम ने उन्हें यह कहा। पृष्ट होने पर उन्होंने व्रतधारी साङ्ख्यायन को आगे कहा। वे कुमारों में से एक हैं, किन्तु इस श्लोक में उनका पृथक् नाम आता है।