Sanatan Info

बीटा AI
ऋषि
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

शुकदेव

Suka

अन्य नाम व्याससूनु · महायोगी · विविक्तदृष्टिः · बादरायणिः · ब्रह्मरातः · शुकदेव · Vyasa-sunu (son of Vyasa) · समदृक्

शुकदेव — recited bhagavata to — महाराज परीक्षित

शुक ने महाराज परीक्षित को सर्ववेदेतिहासों का सार-तत्त्व भागवत श्रावण कराया: 'स तु संश्रावयामास महाराजं परीक्षितम्' (भा. १.३.४२)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

शुकदेव — dialogued with — महाराज परीक्षित

शुक और पाण्डव राजर्षि (परीक्षित) के बीच वह संवाद हुआ जिसमें सात्वती श्रुति प्रस्तुत हुई: 'पाण्डवेयस्य राजर्षेर्मुनिना सह संवादः समभूत्' (भा. १.४.७)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

शुकदेव — answered — महाराज परीक्षित

शुक ने परीक्षित के प्रश्न (भा. १.१९.३७–३८) का उत्तर आरम्भ किया: 'वरीयानेष ते प्रश्नः कृतो लोकहितं नृप' (भा. २.१.१); उत्तर का सार भा. २.१.५ में — 'श्रोतव्यः कीर्तितव्यश्च स्मर्तव्यश्च'। दिशा: उत्तरदाता → प्रश्नकर्ता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

शुकदेव — expounded — विराट्पुरुष

शुक ने परीक्षित के धारणा-विषयक प्रश्न (भा. २.१.२२) के उत्तर में विराट्पुरुष का वर्णन किया — 'स्थूले भगवतो रूपे मनः सन्धारयेद्धिया' (भा. २.१.२३) से आरम्भ कर भा. २.१.२४–३८ तक। प्रमाण: प्रत्यक्ष।