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विदुर

Vidura

अन्य नाम क्षत्ता

विदुर (क्षत्ता) — व्यास और अम्बिका की दासी से उत्पन्न, धृतराष्ट्र और पाण्डु के अनुज; माण्डव्य ऋषि के शाप के कारण शूद्र-योनि में जन्मे यमराज के अवतार माने जाते हैं (भा. १.१३.१५)। कुरु-सभा में धर्म और नीति के एकमात्र निर्भीक प्रवक्ता; उन्होंने लाक्षागृह की सूचना देकर पाण्डवों के प्राण बचाए (भा. १.१३.८, ३४)। दुर्योधन के अपमान पर हस्तिनापुर छोड़कर तीर्थयात्रा पर निकले और मैत्रेय से आत्म-ज्ञान प्राप्त किया (भा. १.१३.१)। भा. १.१३ में लौटकर उन्होंने धृतराष्ट्र को कठोर किन्तु करुणापूर्ण उपदेश देकर गृह-त्याग के लिए प्रेरित किया। तृतीय स्कन्ध का 'विदुर-मैत्रेय संवाद' इन्हीं के प्रश्नों पर आधारित है।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.13.1 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110184)