देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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योग
Yogaयोग — अनुष्ठान, जिसे भागवत निःश्रेयस के साधनों में गिनता है। भा. ३.९.४१ में भगवान् कहते हैं: 'पूर्तेन तपसा यज्ञैर्दानैर्योगसमाधिना । राद्धं …
सर्ग
Sargaसर्ग — सृष्टि, जिसे भागवत दशविध बताता है। भा. ३.१०.१३ में मैत्रेय कहते हैं: 'यथेदानीं तथाग्रे च पश्चादप्येतदीदृशम् । सर्गो नवविधस्तस्य प्राक…
अधर्म
Adharmaअधर्म ब्रह्मा की पीठ से उत्पन्न हुआ (भा. ३.१२.२५); इनसे लोकभयङ्कर मृत्यु उत्पन्न हुए। यह धर्म का प्रतिद्वन्द्वी तत्त्व है। भा. ३.१२.२९ में ज…
मृत्यु
Mrtyu (Death)मृत्यु अधर्म से उत्पन्न हुए और 'लोकभयङ्कर' कहलाते हैं (भा. ३.१२.२५)। यह मृत्यु का व्यक्तिरूप है।
निरृति
निरृति ब्रह्मा के मेढ़्र से उत्पन्न हुई (भा. ३.१२.२६)। इन्हें 'अघाश्रय' कहा गया है, अर्थात् जिनका आश्रय अघ या अनर्थ है।