देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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देवकी
Devakiदेवकी — कृष्ण-कथा की केन्द्रीय मातृ-पात्र हैं: मथुरा के राजा उग्रसेन-वंश के देवक की पुत्री, वसुदेव की पत्नी और कृष्ण की माता; परम्परा में इन…
वसुदेव
Vasudevaवसुदेव — कृष्ण के पिता हैं: यादव-कुल के शूरसेन-वंशीय प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, देवकी के पति; कृष्ण का 'वासुदेव' विशेषण इन्हीं के नाम से बना है …
अनसूया
Anasuyaअनसूया — अत्रि-पत्नी, पातिव्रत्य की पराकाष्ठा के लिए प्रसिद्ध सती; परम्परा में इन्हीं की कोप-मुक्ति से त्रिमूर्ति-पुत्र (दत्तात्रेय, दुर्वास…
आकूति
Akutiआकूति — स्वायम्भुव-मनु की पुत्री, रुचि की पत्नी; इन्हीं में यज्ञ-अवतार का जन्म हुआ (भा. १.३.१२: 'सप्तम आकूत्याम्')। (स्वतंत्र विकिपीडिया लेख…
मेरुदेवी
Merudeviमेरुदेवी — नाभि की पत्नी, ऋषभदेव की माता (भा. १.३.१३: 'अष्टमे मेरुदेव्यां तु नाभेर्जात उरुक्रमः')। परम्परा में इनका नाम सुमना भी मिलता है। (…
सत्यवती
Satyavatiसत्यवती — मत्स्य-राज की धी, पराशर की पत्नी (जिनसे व्यास का जन्म), फिर शान्तनु की पत्नी; कुरु-वंश की जननी। भा. १.३.२१ में व्यास 'सत्यवत्यां' …
अञ्जना
Anjanaअञ्जना — भागवत-पाठ में बुद्ध-अवतार की माता: 'अञ्जनसुतः' (भा. १.३.२४)। (ध्यान: विकिपीडिया का 'Anjana' लेख हनुमान की माता का है — भिन्न व्यक्त…
द्रौपदी
Draupadiद्रौपदी (कृष्णा / पाञ्चाली) — द्रुपद की कन्या, पाँच पाण्डवों की पत्नी; अग्नि से उत्पन्न परम्परा में मानी जाती हैं। पाँच पुत्रों (उपपाण्डवों)…
कृपी
Kripiकृपी (गौतमी) — शरद्वान् गौतम की कन्या, कृपाचार्य की जुड़वाँ बहन, द्रोणाचार्य की पत्नी और अश्वत्थामा की माता। भा. १.७.४५ में 'वीरसू कृपी' के …
कुन्ती
Kuntiकुन्ती (पृथा) — शूरसेन की कन्या, वसुदेव की बहन और इस प्रकार कृष्ण की बुआ; कुन्तिभोज द्वारा गोद ली जाने से 'कुन्ती' कहलाईं। पाण्डु की पत्नी त…
गान्धारी
Gandhariगान्धारी — गान्धार-नरेश सुबल की कन्या, धृतराष्ट्र की पत्नी और सौ कौरवों की माता। पति के अन्धत्व के प्रति सहानुभूति से उन्होंने आजीवन नेत्रों…
उद्धव
Uddhavaउद्धव — वृष्णि-वंशी, कृष्ण के चचेरे भाई, मन्त्री और अन्तरंग सखा; बृहस्पति के शिष्य माने जाते हैं। भा. १.८.७ में वे शैनेय (सात्यकि) के साथ कृ…
उत्तरा
Uttaraउत्तरा — मत्स्य-नरेश विराट की कन्या, अभिमन्यु की पत्नी और परीक्षित की माता। भा. १.८.८–१० में अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से भयभीत होकर वे कृष…
सुभद्रा
Subhadraसुभद्रा — वसुदेव की कन्या, कृष्ण और बलराम की बहन; अर्जुन की पत्नी और अभिमन्यु की माता, अतः परीक्षित की पितामही। कृष्ण की सहमति से अर्जुन ने …
अक्रूर
Akruraअक्रूर — श्वफल्क के पुत्र, यदुवंशी और कृष्ण के चाचा-वर्ग में; परम भक्त। कंस के आदेश से वे कृष्ण और बलराम को गोकुल से मथुरा लाने गए, और मार्ग…
जाम्बवती
Jambavatiजाम्बवती — ऋक्षराज जाम्बवान् की कन्या और कृष्ण की प्रमुख रानियों में से एक। स्यमन्तक मणि की खोज में कृष्ण जाम्बवान् की गुफा तक पहुँचे और अट्…
सत्यभामा
Satyabhamaसत्यभामा — सत्राजित् की कन्या और कृष्ण की प्रमुख रानियों में से एक; स्यमन्तक मणि के प्रकरण के पश्चात् उनका विवाह हुआ। तेजस्विनी और अभिमानिनी…
इरावती
Iravatiइरावती — मत्स्य-राजकुमार उत्तर की कन्या और परीक्षित की पत्नी; विराट की पौत्री तथा उत्तरा की भतीजी। भा. १.१६.२ के अनुसार परीक्षित ने उनसे विव…
खट्वाङ्ग
Khatvangaखट्वाङ्ग इक्ष्वाकु-वंश के राजर्षि हैं, जिन्होंने देवासुर-संग्राम में देवताओं की सहायता की थी; प्रसन्न देवताओं ने वर माँगने को कहा तो उन्होंन…
मनु
Manuमनु मानव-जाति के आदिपुरुष और धर्मशास्त्र के प्रवर्तक हैं; प्रत्येक मन्वन्तर का अधिपति एक मनु होता है और वर्तमान कल्प में वैवस्वत मनु का शासन…