देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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वेदव्यास
Vyasaव्यास — भागवत के रचयिता; नारद के निर्देश के बाद बदरिकाश्रम में भक्तियोग से ध्यान कर पुरुष और माया के दर्शन किए और भागवत रचा। रचकर पुत्र शुक …
शुकदेव
Sukaशुकदेव — व्यास के पुत्र, भागवत-कथा के प्रथम वक्ता: जन्म से विरक्त महामुनि जिन्होंने प्रायोपविष्ट परीक्षित को सम्पूर्ण भागवत सुनाया। भा. १.४.…
शौनक
Shaunakaशौनक — वैदिक-पौराणिक परम्परा के प्रसिद्ध ऋषि: ऋग्वेद के शाखा-सूत्र-ग्रंथों (ऋक्प्रातिशाख्य आदि) के प्रणेता; भागवत-कथा के प्रश्नकर्ता सभापति।…
सूत
Sutaसूत — भागवत के बाह्य कथा-फ्रेम के वक्ता: व्यास के शिष्य रोमहर्षण के पुत्र, पुराण-इतिहासों के विशेषज्ञ कथावाचक। भा. १.४.२२ में स्वयं स्वीकार:…
रोमहर्षण
Romaharshanaरोमहर्षण — व्यास के शिष्य, सूत के पिता; इतिहास-पुराणों के प्रथम धारक: 'इतिहासपुराणानां पिता मे रोमहर्षणः' (भा. १.४.२२ — सूत के शब्द)।
नर
Naraनर — प्राचीन तपस्वी ऋषि: बदरिकाश्रम में नारायण के साथ तपस्या करने वाले प्रसिद्ध ऋषि-युग्ल 'नर-नारायण' का एक; महाभारत-परम्परा में अर्जुन इन्ह…
नारायण
Narayanaनारायण — (क) ऋषि-रूप में: नर के साथ बदरी-आश्रम के तपस्वी युग्ल का दूसरा सदस्य; (ख) भगवान्-रूप में: विष्णु-कृष्ण का परम नाम। भा. १.२.४ में सू…
नारद
Naradaनारद — ब्रह्मा के मानस-पुत्र, देवर्षि: त्रैलोक्य-सन्देशवाहक, वीणाधारी भक्ति-प्रचारक। भा. १.३.८ में भगवान् का तृतीय अवतार; भा. १.५-६ में व्या…
आसुरि
Asuriआसुरि — प्राचीन ऋषि, सांख्य-परम्परा में कपिल के प्रमुख शिष्य (परम्परा में पंचशिख की परम्परा इन्हीं से जुड़ी)। भा. १.३.१०: 'प्रोवाचासुरये सां…
अत्रि
Atriअत्रि — सप्तर्षियों में एक महर्षि: ब्रह्मा के मानस-पुत्र, अनसूया के पति; ऋग्वेद के पाँचवें मण्डल का ऋषि-कुल इन्हीं का है। भा. १.३.११: भगवान्…
रुचि
Ruchiरुचि — सृष्टि-परम्परा के प्रजापतियों में एक प्राचीन ऋषि, आकूति के पति; इन्हीं से यज्ञ-अवतार का जन्म कथित है (भा. १.३.१२: 'रुचेर्यज्ञोऽभ्यजाय…
पराशर
Parasharaपराशर — शक्ति के पुत्र, वसिष्ठ-वंश के महर्षि: विष्णु-पुराण के रचयिता-परम्परा वाले आचार्य, सत्यवती के पति और व्यास के पिता। भा. १.३.२१: 'सप्त…
विष्णुयशस्
Vishnuyashaविष्णुयशस् — परम्परा में शम्बल-ग्राम के संन्यासी/ऋषि, कल्कि-अवतार के पिता। भा. १.३.२५: 'जनिता विष्णुयशसः' — कल्कि इन्हीं के पुत्र रूप में जन…
पैल
Pailaपैल — व्यास के शिष्य, ऋग्वेद के प्रथम धारक: 'ऋग्वेदधरः पैलः' (भा. १.४.२१)।
जैमिनि
Jaiminiजैमिनि — व्यास के शिष्य, सामवेद के धारक और पूर्व-मीमांसा-सूत्र के प्रणेता (परम्परा में): 'सामगो जैमिनिः कविः' (भा. १.४.२१)।
वैशम्पायन
Vaishampayanaवैशम्पायन — व्यास के प्रमुख शिष्य, यजुर्वेद (तैत्तिरीय शाखा) के धारक: 'वैशम्पायन एवैको निष्णातो यजुषाम्' (भा. १.४.२१); परम्परा में महाभारत क…
सुमन्तु
Sumantuसुमन्तु — व्यास के शिष्य, अथर्ववेद के धारक: 'अथर्वाङ्गिरसामासीत्सुमन्तुर्दारुणो मुनिः' (भा. १.४.२२)।
द्रोण
Dronaद्रोणाचार्य — भरद्वाज के पुत्र, महाभारत के दोनों पक्षों के आचार्य (अस्त्र-विद्या के गुरु); अश्वत्थामा के पिता। भा. १.७.४५: 'स एष भगवान् द्रो…
धौम्य
Dhaumyaधौम्य — पाण्डवों के कुल-पुरोहित, देवल ऋषि के भ्राता; वनवास के काल में भी उन्होंने पाण्डवों का साथ नहीं छोड़ा और उन्हें धार्मिक विधि-विधान मे…
वसिष्ठ
Vasishthaवसिष्ठ — सप्तर्षियों में एक, ब्रह्मा के मानस-पुत्र और इक्ष्वाकु-वंश के कुल-गुरु; अरुन्धती के पति और कामधेनु नन्दिनी के स्वामी। विश्वामित्र क…