देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
44 पात्र · पृष्ठ 2/3
साम्ब
Sambaसाम्ब — कृष्ण और जाम्बवती के पुत्र; भा. १.११.१८ में 'साम्बो जाम्बवतीसुतः' कहकर स्पष्ट रूप से मातृ-परिचय दिया गया है। दुर्योधन की कन्या लक्ष्…
चारुदेष्ण
Charudeshnaचारुदेष्ण — कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्रों में से एक, प्रद्युम्न के अनुज; महारथी और रूपवान् वीर के रूप में वर्णित। भा. १.११.१८ में वे प्रद्युम…
इक्ष्वाकु
Ikshvakuइक्ष्वाकु — वैवस्वत मनु के पुत्र और सूर्यवंश (इक्ष्वाकु-वंश) के आदि-पुरुष, अयोध्या के प्रथम राजा; राम इसी वंश में उत्पन्न हुए। आदर्श प्रजा-प…
शिबि
Shibiशिबि (औशीनर) — उशीनर देश के राजा, दान और शरणागत-रक्षा के लिए पुराणों और महाभारत में विख्यात। कबूतर के रूप में आए अग्नि और बाज के रूप में आए …
भरत
Bharataभरत (दौष्यन्ति) — राजा दुष्यन्त और शकुन्तला के पुत्र, चक्रवर्ती सम्राट्; बाल्यकाल में सिंह-शावकों के दाँत गिनने की कथा से 'सर्वदमन' कहलाए। उ…
रन्तिदेव
Rantidevaरन्तिदेव — सङ्कृति के पुत्र, चन्द्रवंशी राजा, औदार्य के परम आदर्श। अड़तालीस दिन के उपवास के अन्त में जब भोजन और जल सामने आया, तब क्रमशः ब्रा…
ययाति
Yayatiययाति — नहुष के पुत्र, चन्द्रवंशी सम्राट्; देवयानी और शर्मिष्ठा के पति। शुक्राचार्य के शाप से अकाल-वृद्धत्व प्राप्त होने पर उन्होंने पुत्र प…
सुबल
Subalaसुबल — गान्धार देश के राजा, गान्धारी और शकुनि के पिता। भा. १.१३.३० में गान्धारी को 'सुबलस्य पुत्री' कहा गया है, जो पति के पीछे हिमालय की ओर …
शूरसेन
Shurasenaशूर (शूरसेन) — यदुवंशी राजा, देवमीढ के पुत्र और मथुरा-मण्डल के अधिपति; वसुदेव तथा कुन्ती (पृथा) के पिता, अतः कृष्ण के पितामह और पाण्डवों के …
जरासन्ध
Jarasandhaजरासन्ध — मगध का अत्यन्त बलशाली सम्राट्, बृहद्रथ का पुत्र; दो टुकड़ों में जन्मने के कारण जरा नामक राक्षसी द्वारा जोड़े जाने से यह नाम पड़ा। …
कर्ण
Karnaकर्ण (राधेय, वसुषेण) — कुन्ती का सूर्य से उत्पन्न ज्येष्ठ पुत्र, कुमारी अवस्था में जन्म लेने के कारण जल में प्रवाहित किए गए और सूत अधिरथ तथा…
शल्य
Shalyaशल्य — मद्र देश के राजा, माद्री के भाई और इस प्रकार नकुल-सहदेव के मातुल। महाभारत-युद्ध में पाण्डवों की ओर आते हुए दुर्योधन की चतुराई से छले …
वज्र
Vajraवज्र — अनिरुद्ध और उषा के पुत्र, कृष्ण के प्रपौत्र; प्रभास में यदुवंश के पारस्परिक संहार के पश्चात् बचे हुए थोड़े से उत्तराधिकारियों में प्र…
जनमेजय
Janamejayaजनमेजय — परीक्षित और इरावती के ज्येष्ठ पुत्र, कुरु-वंश के सम्राट्; भा. १.१६.२ में चार पुत्रों में प्रथम रूप में नामित। पिता की तक्षक द्वारा …
उत्तर
Uttaraउत्तर — मत्स्य-नरेश विराट के पुत्र और उत्तरा के भ्राता; अज्ञातवास के अन्तिम वर्ष में गो-हरण के प्रसङ्ग में वे बृहन्नला-वेशधारी अर्जुन को सार…
दुर्योधन
Duryodhanaदुर्योधन — कुरुवंशी राजा, धृतराष्ट्र के पुत्र, महाभारत कथा के कौरव पक्ष के अग्रणी; श्रीमद्भागवत में उनका नाम 'सुयोधन' के रूप में भी आता है। …
शकुनि
Shakuniशकुनि — गांधार-नरेश सुबल के पुत्र, और इसलिये भागवत में 'सौबल' कहलाते हैं; गान्धारी के भ्राता। भा. ३.१.१४ में वे उन लोगों में गिने गये हैं जो…
गद
Gadaगद — यादव-वंशी; भा. ३.१.३५ में विदुर उद्धव से जिन अनुगतों की कुशल पूछते हैं उनमें गद का नाम है: 'हृदीकसत्यात्मजचारुदेष्ण गदादयः स्वस्ति चरन्…
सुदास
Sudasaसुदास — एक राजा, जिनके नाम का तीर्थ सरस्वती पर है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित तीर्थों में उनका उल्लेख है: 'तीर्थं सुदासस्य गवां गुहस्…
गुह
Guhaगुह — एक राजा; सरस्वती पर गवां (गवामयन से सम्बद्ध) उनके नाम का तीर्थ है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित तीर्थों की सूची में उनका नाम है: …