देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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हिरण्यकशिपु
Hiranyakashipuहिरण्यकशिपु — पौराणिक असुर-साम्राज्य का महानतम दैत्य सम्राट: कश्यप-दिति का पुत्र, प्रह्लाद का पिता, जिसके अहंकार और वरदान के विनाश की कथा नृ…
दैत्य
Daityasदैत्य — कश्यप-दिति की सन्तानों का असुर-वर्ग: हिरण्यकशिपु-हिरण्याक्ष आदि का कुल, जो पुराणों में देवों का घोरतम प्रतिपक्ष रहा। भा. १.३.१८: इन्…
वामन
Vamanaवामन — विष्णु का बौना-ब्राह्मण अवतार: बलि के यज्ञ में तीन पग भूमि माँगकर त्रिविक्रम रूप में तीनों लोक तीन पगों में लेने वाले। भा. १.३.१९: 'प…
बलि
Bali (the asura king)बलि (महाबलि) — प्रह्लाद के पौत्र, विरोचन के पुत्र, दैत्य-साम्राज्य के पराक्रमी और दानवीर राजा: वामन-त्रिविक्रम कथा का दानशील नायक, जिसकी स्व…
स्वर्ग
Svarga (heaven)स्वर्ग (त्रिविष्टप) — हिन्दू लोक-विज्ञान का इन्द्र का स्वर्ग-लोक: पुण्य का अस्थायी फल-भोग-स्थान, जहाँ के अधिपति इन्द्र हैं। भा. १.३.१९: वामन…
परशुराम
Parashuramaपरशुराम — जमदग्नि-ऋेणुका के पुत्र, भृगु-वंशीय ब्राह्मण-योद्धा, विष्णु का षोडश अवतार: जो क्षत्रिय-अत्याचार के उन्मूलन हेतु इक्कीस बार पृथ्वी …
पराशर
Parasharaपराशर — शक्ति के पुत्र, वसिष्ठ-वंश के महर्षि: विष्णु-पुराण के रचयिता-परम्परा वाले आचार्य, सत्यवती के पति और व्यास के पिता। भा. १.३.२१: 'सप्त…
सत्यवती
Satyavatiसत्यवती — मत्स्य-राज की धी, पराशर की पत्नी (जिनसे व्यास का जन्म), फिर शान्तनु की पत्नी; कुरु-वंश की जननी। भा. १.३.२१ में व्यास 'सत्यवत्यां' …
राम
Rama (Dasharathi)राम (दशरथी / रामचन्द्र) — अयोध्या के रघु-वंशीय राजा, विष्णु का दशावतार-क्रम में प्रसिद्ध अवतार: रामायण के नायक, मर्यादा-पुरुषोत्तम, सीता के …
वृष्णि कुल
Vrishnisवृष्णि — यादव-संघ का प्रमुख कुल: यदु-वंश की वह शाखा जिसमें कृष्ण-बलराम का जन्म हुआ; परम्परा में सात्वत-वृष्णि सम्बन्ध यादव-राजनीति का केन्द्…
बुद्ध
Buddhaबुद्ध-अवतार — वैष्णव परम्परा में विष्णु का भविष्यद्वक्ता अवतार, जो कलि-युग में प्रकट होकर (भागवत के शब्दों में) देव-द्वेषी नास्तिकों को मोहि…
अञ्जना
Anjanaअञ्जना — भागवत-पाठ में बुद्ध-अवतार की माता: 'अञ्जनसुतः' (भा. १.३.२४)। (ध्यान: विकिपीडिया का 'Anjana' लेख हनुमान की माता का है — भिन्न व्यक्त…
कीकट प्रदेश
Kikata (region)कीकट — वैदिक-पौराणिक भूगोल का वह प्रदेश (परम्परा में मगध/बिहार से पहचाना जाता है), जहाँ भागवत के अनुसार बुद्ध-अवतार प्रकट होंगे: 'कीकटेषु भव…
कल्कि
Kalkiकल्कि — विष्णु का भविष्यद्वक्ता दशम् अवतार: कलि-युग के अन्त में युग-सन्धि पर विष्णुयशस् के पुत्र के रूप में शम्बल ग्राम (परम्परा) में अवतरित…
विष्णुयशस्
Vishnuyashaविष्णुयशस् — परम्परा में शम्बल-ग्राम के संन्यासी/ऋषि, कल्कि-अवतार के पिता। भा. १.३.२५: 'जनिता विष्णुयशसः' — कल्कि इन्हीं के पुत्र रूप में जन…
मनुगण
Manusमनु-गण — मन्वन्तर-व्यवस्था के स्वामी पितामह: प्रत्येक कल्प में चौदह मनु, जो सृष्टि के युग-चक्र में धर्म-व्यवस्था के आधार होते हैं (स्वायम्भु…
प्रजापतिगण
Prajapatisप्रजापति-गण — सृष्टि के प्रजननाधिकारी पितामह: ब्रह्मा के मानस-पुत्र (मरीचि, अत्रि, अङ्गिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, वसिष्ठ आदि), जिनसे समस्त …
अविद्या
Avidya (nescience)अविद्या — वेदान्त की मूलभूत धारणा: आत्म-तत्त्व को ढकने वाली अज्ञान-शक्ति, जिससे अध्यास (आरोप) होता है। भा. १.३.३३: आत्मनि सत्-असत् का आरोप इ…
महाराज परीक्षित
Maharaja Parikshitमहाराज परीक्षित — अभिमन्यु-पुत्र, कुरु-वंश के अन्तिम महान् सम्राट: तक्षक के शाप से मृत्यु-निश्चित होकर गंगा-तट पर शुकदेव से सम्पूर्ण भागवत स…
ऋग्वेद
Rig Vedaऋग्वेद — चार वेदों में प्रथम: ऋचाओं (मन्त्रों) का संग्रह, 10 मण्डल, 1028 सूक्त; वैदिक साहित्य का प्राचीनतम भाग जिसकी ऋचाएँ यज्ञीय अनुष्ठानों…