देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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सुभद्रा
Subhadraसुभद्रा — वसुदेव की कन्या, कृष्ण और बलराम की बहन; अर्जुन की पत्नी और अभिमन्यु की माता, अतः परीक्षित की पितामही। कृष्ण की सहमति से अर्जुन ने …
युयुत्सु
Yuyutsuयुयुत्सु — धृतराष्ट्र का पुत्र, किन्तु वैश्य दासी सुगदा से उत्पन्न; कौरवों में एकमात्र जिसने महाभारत-युद्ध के आरम्भ में धर्म-पक्ष चुनकर पाण्…
कृपाचार्य
Kripacharyaकृपाचार्य (गौतम) — शरद्वान् गौतम के पुत्र, कृपी के जुड़वाँ भाई और द्रोणाचार्य के श्याल; कुरु-राजकुमारों — कौरव और पाण्डव दोनों — के प्रथम अस…
मथुरा
Mathuraमथुरा (मधु-वन) — यमुना-तट पर बसी प्राचीन नगरी, शूरसेन जनपद की राजधानी; कृष्ण की जन्म-भूमि, जहाँ कंस के कारागार में देवकी से उनका प्रादुर्भाव…
शिशुपाल
Shishupalaशिशुपाल (चैद्य) — चेदि देश का राजा, दमघोष और श्रुतश्रवा का पुत्र; श्रुतश्रवा वसुदेव की बहन थीं, अतः वे कृष्ण के फुफेरे भाई हुए। रुक्मिणी के …
नरकासुर
Narakasuraनरकासुर (भौम) — पृथ्वी (भूमि) का पुत्र होने से 'भौम' कहलाए; प्राग्ज्योतिषपुर (आधुनिक असम क्षेत्र) के अत्याचारी असुर-राजा। उन्होंने देवताओं क…
कुरुक्षेत्र
Kurukshetraकुरुक्षेत्र — कुरु-वंश के पूर्वज राजा कुरु के नाम से प्रसिद्ध पवित्र क्षेत्र, ब्रह्मावर्त के निकट सरस्वती और दृषद्वती के मध्य स्थित; 'धर्मक्…
पाञ्चजन्य
Panchajanyaपाञ्चजन्य — कृष्ण का शङ्ख, जो पञ्चजन नामक शङ्ख-रूपधारी असुर के वध के पश्चात् प्राप्त हुआ; इसी से इसका नाम पड़ा। यह भगवान् के चतुर्भुज रूप के…
अक्रूर
Akruraअक्रूर — श्वफल्क के पुत्र, यदुवंशी और कृष्ण के चाचा-वर्ग में; परम भक्त। कंस के आदेश से वे कृष्ण और बलराम को गोकुल से मथुरा लाने गए, और मार्ग…
उग्रसेन
Ugrasenaउग्रसेन — मथुरा के यदुवंशी राजा, कंस के पिता। पुत्र कंस ने उन्हें सिंहासन से उतारकर बन्दी बना लिया था; कंस-वध के पश्चात् कृष्ण ने स्वयं राज्…
साम्ब
Sambaसाम्ब — कृष्ण और जाम्बवती के पुत्र; भा. १.११.१८ में 'साम्बो जाम्बवतीसुतः' कहकर स्पष्ट रूप से मातृ-परिचय दिया गया है। दुर्योधन की कन्या लक्ष्…
जाम्बवती
Jambavatiजाम्बवती — ऋक्षराज जाम्बवान् की कन्या और कृष्ण की प्रमुख रानियों में से एक। स्यमन्तक मणि की खोज में कृष्ण जाम्बवान् की गुफा तक पहुँचे और अट्…
चारुदेष्ण
Charudeshnaचारुदेष्ण — कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्रों में से एक, प्रद्युम्न के अनुज; महारथी और रूपवान् वीर के रूप में वर्णित। भा. १.११.१८ में वे प्रद्युम…
जम्बूद्वीप
Jambudvipaजम्बूद्वीप — पौराणिक भूगोल के सप्त द्वीपों में मध्यवर्ती और प्रधान द्वीप, जिसके मध्य में मेरु पर्वत स्थित है; जम्बू (जामुन) वृक्ष की बहुलता …
इक्ष्वाकु
Ikshvakuइक्ष्वाकु — वैवस्वत मनु के पुत्र और सूर्यवंश (इक्ष्वाकु-वंश) के आदि-पुरुष, अयोध्या के प्रथम राजा; राम इसी वंश में उत्पन्न हुए। आदर्श प्रजा-प…
शिबि
Shibiशिबि (औशीनर) — उशीनर देश के राजा, दान और शरणागत-रक्षा के लिए पुराणों और महाभारत में विख्यात। कबूतर के रूप में आए अग्नि और बाज के रूप में आए …
भरत
Bharataभरत (दौष्यन्ति) — राजा दुष्यन्त और शकुन्तला के पुत्र, चक्रवर्ती सम्राट्; बाल्यकाल में सिंह-शावकों के दाँत गिनने की कथा से 'सर्वदमन' कहलाए। उ…
रन्तिदेव
Rantidevaरन्तिदेव — सङ्कृति के पुत्र, चन्द्रवंशी राजा, औदार्य के परम आदर्श। अड़तालीस दिन के उपवास के अन्त में जब भोजन और जल सामने आया, तब क्रमशः ब्रा…
ययाति
Yayatiययाति — नहुष के पुत्र, चन्द्रवंशी सम्राट्; देवयानी और शर्मिष्ठा के पति। शुक्राचार्य के शाप से अकाल-वृद्धत्व प्राप्त होने पर उन्होंने पुत्र प…
तक्षक
Takshakaतक्षक — अष्ट-नागों में से एक, कद्रू और कश्यप की सन्तान, नाग-लोक का प्रमुख। शृङ्गी नामक ब्राह्मण-पुत्र के शाप के निमित्त से उन्होंने परीक्षित…