देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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अश्वमेध यज्ञ
Ashvamedha Yajnaअश्वमेध यज्ञ — वैदिक श्रौत यज्ञों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण और विस्तृत; इसमें छोड़े गए अश्व को एक वर्ष तक स्वच्छन्द विचरण करने दिया जाता है …
विदुर
Viduraविदुर (क्षत्ता) — व्यास और अम्बिका की दासी से उत्पन्न, धृतराष्ट्र और पाण्डु के अनुज; माण्डव्य ऋषि के शाप के कारण शूद्र-योनि में जन्मे यमराज …
मैत्रेय
Maitreyaमैत्रेय (कौषारव) — कुषारव के पुत्र, परम ज्ञानी ऋषि; पराशर के शिष्य माने जाते हैं। भा. १.१३.१–२ में विदुर उन्हीं से तीर्थयात्रा के दौरान आत्म…
सञ्जय
Sanjayaसञ्जय (गावल्गणि) — गवल्गण के पुत्र, धृतराष्ट्र के सूत, मन्त्री और अनन्य सेवक। व्यास से प्राप्त दिव्य-दृष्टि के बल पर उन्होंने कुरुक्षेत्र-यु…
तुम्बुरु
Tumburuतुम्बुरु — गन्धर्वों में श्रेष्ठ, दिव्य गायक और वीणा-वादक; नारद के साथ उनका सङ्ग पुराणों में बार-बार वर्णित है और दोनों को संगीत-कला का आदर्…
सुबल
Subalaसुबल — गान्धार देश के राजा, गान्धारी और शकुनि के पिता। भा. १.१३.३० में गान्धारी को 'सुबलस्य पुत्री' कहा गया है, जो पति के पीछे हिमालय की ओर …
शूरसेन
Shurasenaशूर (शूरसेन) — यदुवंशी राजा, देवमीढ के पुत्र और मथुरा-मण्डल के अधिपति; वसुदेव तथा कुन्ती (पृथा) के पिता, अतः कृष्ण के पितामह और पाण्डवों के …
सुधर्मा सभा
Sudharma Sabhaसुधर्मा सभा — देवताओं की वह सभा-भवन जो इन्द्र-लोक से द्वारका लाई गई; इसकी विशेषता यह मानी जाती है कि जो इसमें प्रवेश करता है वह क्षुधा, तृषा…
सत्यभामा
Satyabhamaसत्यभामा — सत्राजित् की कन्या और कृष्ण की प्रमुख रानियों में से एक; स्यमन्तक मणि के प्रकरण के पश्चात् उनका विवाह हुआ। तेजस्विनी और अभिमानिनी…
मय दानव
Maya Danavaमय दानव — दानवों के प्रसिद्ध शिल्पी और स्थापत्य-विद्या के आचार्य; त्रिपुरासुरों के लिए तीन नगरों का निर्माण उन्हीं ने किया था। खाण्डव-दाह के…
जरासन्ध
Jarasandhaजरासन्ध — मगध का अत्यन्त बलशाली सम्राट्, बृहद्रथ का पुत्र; दो टुकड़ों में जन्मने के कारण जरा नामक राक्षसी द्वारा जोड़े जाने से यह नाम पड़ा। …
दुर्वासा
Durvasaदुर्वासा — अत्रि और अनसूया के पुत्र, शिव के अंश माने जाने वाले ऋषि; उग्र तपस्या और अत्यन्त कोप के लिए विख्यात, किन्तु प्रसन्न होने पर महान् …
कर्ण
Karnaकर्ण (राधेय, वसुषेण) — कुन्ती का सूर्य से उत्पन्न ज्येष्ठ पुत्र, कुमारी अवस्था में जन्म लेने के कारण जल में प्रवाहित किए गए और सूत अधिरथ तथा…
शल्य
Shalyaशल्य — मद्र देश के राजा, माद्री के भाई और इस प्रकार नकुल-सहदेव के मातुल। महाभारत-युद्ध में पाण्डवों की ओर आते हुए दुर्योधन की चतुराई से छले …
वज्र
Vajraवज्र — अनिरुद्ध और उषा के पुत्र, कृष्ण के प्रपौत्र; प्रभास में यदुवंश के पारस्परिक संहार के पश्चात् बचे हुए थोड़े से उत्तराधिकारियों में प्र…
इरावती
Iravatiइरावती — मत्स्य-राजकुमार उत्तर की कन्या और परीक्षित की पत्नी; विराट की पौत्री तथा उत्तरा की भतीजी। भा. १.१६.२ के अनुसार परीक्षित ने उनसे विव…
जनमेजय
Janamejayaजनमेजय — परीक्षित और इरावती के ज्येष्ठ पुत्र, कुरु-वंश के सम्राट्; भा. १.१६.२ में चार पुत्रों में प्रथम रूप में नामित। पिता की तक्षक द्वारा …
उत्तर
Uttaraउत्तर — मत्स्य-नरेश विराट के पुत्र और उत्तरा के भ्राता; अज्ञातवास के अन्तिम वर्ष में गो-हरण के प्रसङ्ग में वे बृहन्नला-वेशधारी अर्जुन को सार…
ब्रह्मावर्त
Brahmavartaब्रह्मावर्त — सरस्वती और दृषद्वती नदियों के मध्य स्थित पवित्र भूभाग, जिसे मनुस्मृति 'देवनिर्मित देश' कहकर वर्णाश्रम-आचार का आदर्श क्षेत्र बत…
शमीक
Shamikaशमीक — आङ्गिरस-गोत्रीय ब्रह्मर्षि, शृङ्गी के पिता; समाधि-निष्ठ मुनि जिनकी इन्द्रियाँ, प्राण, मन और बुद्धि निरुद्ध थीं और जो 'स्थानत्रय से पर…