देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
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नकुल
Nakulaनकुल — पाण्डु और माद्री के जुड़वाँ पुत्रों में से एक, पाण्डवों में चौथे; अश्विनीकुमारों के अंश माने जाते हैं। अश्व-विद्या और खड्ग-संचालन में…
सहदेव
Sahadevaसहदेव — पाण्डु और माद्री के जुड़वाँ पुत्रों में से एक, पाण्डवों में सबसे छोटे; अश्विनीकुमारों के अंश माने जाते हैं। ज्योतिष और नीति में निपु…
सात्यकि
Yuyudhanaयुयुधान (सात्यकि) — शिनि के वंशज, वृष्णि-वीर और कृष्ण के अनन्य अनुयायी; महाभारत-युद्ध में पाण्डव-पक्ष के महारथी। भा. १.७.५० में अश्वत्थामा क…
कृपी
Kripiकृपी (गौतमी) — शरद्वान् गौतम की कन्या, कृपाचार्य की जुड़वाँ बहन, द्रोणाचार्य की पत्नी और अश्वत्थामा की माता। भा. १.७.४५ में 'वीरसू कृपी' के …
कुन्ती
Kuntiकुन्ती (पृथा) — शूरसेन की कन्या, वसुदेव की बहन और इस प्रकार कृष्ण की बुआ; कुन्तिभोज द्वारा गोद ली जाने से 'कुन्ती' कहलाईं। पाण्डु की पत्नी त…
धृतराष्ट्र
Dhritarashtraधृतराष्ट्र — विचित्रवीर्य और अम्बिका के पुत्र, जन्म से अन्धे; पाण्डु के ज्येष्ठ भ्राता और हस्तिनापुर के राजा। गान्धारी के पति तथा दुर्योधन आ…
गान्धारी
Gandhariगान्धारी — गान्धार-नरेश सुबल की कन्या, धृतराष्ट्र की पत्नी और सौ कौरवों की माता। पति के अन्धत्व के प्रति सहानुभूति से उन्होंने आजीवन नेत्रों…
उद्धव
Uddhavaउद्धव — वृष्णि-वंशी, कृष्ण के चचेरे भाई, मन्त्री और अन्तरंग सखा; बृहस्पति के शिष्य माने जाते हैं। भा. १.८.७ में वे शैनेय (सात्यकि) के साथ कृ…
पाण्डु
Panduपाण्डु — विचित्रवीर्य और अम्बालिका के पुत्र, धृतराष्ट्र के अनुज और हस्तिनापुर के राजा; कुन्ती तथा माद्री के पति और पाँच पाण्डवों के पिता। मृ…
द्वारका
Dvarakaद्वारका — कृष्ण की राजधानी, समुद्र-तट पर बसाई गई सुदृढ़ नगरी, जहाँ जरासन्ध के बार-बार आक्रमणों के कारण उन्होंने मथुरा से यदुवंश को स्थानान्त…
उत्तरा
Uttaraउत्तरा — मत्स्य-नरेश विराट की कन्या, अभिमन्यु की पत्नी और परीक्षित की माता। भा. १.८.८–१० में अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से भयभीत होकर वे कृष…
सुदर्शन चक्र
Sudarshana Chakraसुदर्शन चक्र — विष्णु/कृष्ण का चक्राकार दिव्य अस्त्र, सहस्रार और अप्रतिहत; भगवान् के चतुर्भुज रूप का प्रधान आयुध और उनकी संहार-शक्ति का प्रत…
विराट
Virataविराट — मत्स्य देश के राजा, उत्तरा के पिता। अज्ञातवास के अन्तिम वर्ष में पाण्डवों ने छद्मवेश में इन्हीं के यहाँ आश्रय लिया था, और महाभारत-यु…
कंस
Kamsaकंस — मथुरा का अत्याचारी राजा, उग्रसेन का पुत्र और देवकी का भाई। आकाशवाणी से यह जानकर कि देवकी का आठवाँ गर्भ उसका वध करेगा, उसने देवकी और वस…
यदुवंशी
Yadusयदु-वंश (यादव) — चन्द्रवंशी राजा यदु से उत्पन्न कुल, जिसमें वृष्णि, अन्धक, भोज और सात्वत शाखाएँ सम्मिलित हैं; कृष्ण और बलराम इसी वंश में प्र…
भीष्म
Bhishmaभीष्म (देवव्रत, गाङ्गेय) — शान्तनु और गङ्गा के पुत्र, कुरु-वंश के पितामह; पिता के विवाह के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य और राज्य-त्याग की भीषण प्रति…
धौम्य
Dhaumyaधौम्य — पाण्डवों के कुल-पुरोहित, देवल ऋषि के भ्राता; वनवास के काल में भी उन्होंने पाण्डवों का साथ नहीं छोड़ा और उन्हें धार्मिक विधि-विधान मे…
वसिष्ठ
Vasishthaवसिष्ठ — सप्तर्षियों में एक, ब्रह्मा के मानस-पुत्र और इक्ष्वाकु-वंश के कुल-गुरु; अरुन्धती के पति और कामधेनु नन्दिनी के स्वामी। विश्वामित्र क…
विश्वामित्र
Vishvamitraविश्वामित्र (कौशिक) — कुशिक-वंश में उत्पन्न राजा गाधि के पुत्र; क्षत्रिय होते हुए भी उग्र तपस्या से ब्रह्मर्षि-पद प्राप्त करने वाले एकमात्र …
कश्यप
Kashyapaकश्यप — प्रजापति मरीचि के पुत्र और सप्तर्षियों में एक; दक्ष की तेरह कन्याओं के पति, जिनसे देव, असुर, नाग, गरुड़, गन्धर्व और अन्य प्राणि-जाति…