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ज्ञान कोश

देवी-देवता और दिव्य पात्र

पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।

44 पात्र · पृष्ठ 2/3

ऋषि

कश्यप

Kashyapa

कश्यप — प्रजापति मरीचि के पुत्र और सप्तर्षियों में एक; दक्ष की तेरह कन्याओं के पति, जिनसे देव, असुर, नाग, गरुड़, गन्धर्व और अन्य प्राणि-जाति…

ऋषि

कृपाचार्य

Kripacharya

कृपाचार्य (गौतम) — शरद्वान् गौतम के पुत्र, कृपी के जुड़वाँ भाई और द्रोणाचार्य के श्याल; कुरु-राजकुमारों — कौरव और पाण्डव दोनों — के प्रथम अस…

ऋषि

विदुर

Vidura

विदुर (क्षत्ता) — व्यास और अम्बिका की दासी से उत्पन्न, धृतराष्ट्र और पाण्डु के अनुज; माण्डव्य ऋषि के शाप के कारण शूद्र-योनि में जन्मे यमराज …

ऋषि

मैत्रेय

Maitreya

मैत्रेय (कौषारव) — कुषारव के पुत्र, परम ज्ञानी ऋषि; पराशर के शिष्य माने जाते हैं। भा. १.१३.१–२ में विदुर उन्हीं से तीर्थयात्रा के दौरान आत्म…

ऋषि

सञ्जय

Sanjaya

सञ्जय (गावल्गणि) — गवल्गण के पुत्र, धृतराष्ट्र के सूत, मन्त्री और अनन्य सेवक। व्यास से प्राप्त दिव्य-दृष्टि के बल पर उन्होंने कुरुक्षेत्र-यु…

ऋषि

दुर्वासा

Durvasa

दुर्वासा — अत्रि और अनसूया के पुत्र, शिव के अंश माने जाने वाले ऋषि; उग्र तपस्या और अत्यन्त कोप के लिए विख्यात, किन्तु प्रसन्न होने पर महान् …

ऋषि

शमीक

Shamika

शमीक — आङ्गिरस-गोत्रीय ब्रह्मर्षि, शृङ्गी के पिता; समाधि-निष्ठ मुनि जिनकी इन्द्रियाँ, प्राण, मन और बुद्धि निरुद्ध थीं और जो 'स्थानत्रय से पर…

ऋषि

शृङ्गी

Shringi

शृङ्गी — शमीक ऋषि के अत्यन्त तेजस्वी बालक पुत्र। भा. १.१८.३२–३७ में साथियों के साथ खेलते हुए उन्होंने सुना कि राजा ने उनके पिता का अपमान किय…

ऋषि

त्रित

Trita

त्रित — एक वैदिक ऋषि, जिनके नाम से सरस्वती पर एक तीर्थ है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित सरस्वती-तीर्थों की सूची में वे पहले आते हैं: 'त…

ऋषि

उशना

Ushanas

उशनस् — काव्य के नाम से भी प्रसिद्ध ऋषि; सरस्वती पर उनके नाम का तीर्थ है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित तीर्थों में उनका उल्लेख है: 'तस्…

ऋषि

असित

Asita

असित — एक ऋषि, जिनके नाम का तीर्थ सरस्वती पर है। भा. ३.१.२२ में वे विदुर द्वारा सेवित तीर्थों की सूची में आते हैं: 'पृथोरथाग्नेरसितस्य वायोः…

ऋषि

सान्दीपनि

Sandipani

सांदीपनि — कृष्ण और बलराम के गुरु। भागवत के तीसरे स्कन्ध में उद्धव विदुर को बताते हैं कि कृष्ण ने इनसे एक ही बार कहे गये ब्रह्म (वेद) को सवि…

ऋषि

माण्डव्य

Mandavya

माण्डव्य — ऋषि, जिनके शाप से यम का जन्म बताया गया है। भा. ३.५.२० में मैत्रेय विदुर को बताते हैं: 'माण्डव्यशापाद्भगवान् प्रजासंयमनो यमः । भ्र…

ऋषि

सनत्कुमार

Sanatkumara

सनत्कुमार — ऋषि, कुमारों में से एक, जिन्हें भागवत की परम्परा में संकर्षण से उपदेश मिला। भा. ३.८.७ में मैत्रेय कहते हैं: 'प्रोक्तं किलैतद्भगव…

ऋषि

साङ्ख्यायन

Sankhyayana

साङ्ख्यायन — ऋषि, परमहंसों में मुख्य, भागवत की परम्परा में सनत्कुमार और पराशर के बीच की कड़ी। भा. ३.८.७ में उन्हें 'धृतव्रत' कहा गया है और स…

ऋषि

पुलस्त्य

Pulastya

पुलस्त्य — ऋषि, जिनका नाम भागवत की परम्परा में भा. ३.८.९ में आता है। मैत्रेय कहते हैं: 'प्रोवाच मह्यं स दयालुरुक्तो मुनिः पुलस्त्येन पुराणमा…

ऋषि

मरीचि

Marichi

मरीचि ब्रह्मा के दस पुत्रों में प्रथम हैं। भा. ३.१२.२४ के अनुसार वे ब्रह्मा के मन से उत्पन्न हुए। भा. ३.१२.२९ में वे उन मुनियों के प्रमुख है…

ऋषि

अङ्गिरा

Angiras

अङ्गिरा ब्रह्मा के दस पुत्रों में गिने गये हैं और भा. ३.१२.२४ के अनुसार ब्रह्मा के मुख से उत्पन्न हुए। अथर्ववेद का 'अथर्वाङ्गिरस' नाम इन्हीं…

ऋषि

पुलह

Pulaha

पुलह ब्रह्मा के दस पुत्रों में से हैं; भा. ३.१२.२४ के अनुसार वे ब्रह्मा की नाभि से उत्पन्न हुए।

ऋषि

क्रतु

Kratu

क्रतु ब्रह्मा के दस पुत्रों में से हैं; भा. ३.१२.२३ के अनुसार वे ब्रह्मा के हाथ से उत्पन्न हुए।