देवी-देवता और दिव्य पात्र
पुराणों से संकलित देवता, ऋषि, राजा, स्थान और सिद्धांत—खोजें, छानें और प्रत्येक प्रोफ़ाइल खोलें।
320 पात्र · पृष्ठ 2/16
कुबेर
Kuberaकुबेर यक्षों के राजा, धन और निधियों के अधिपति तथा उत्तर दिशा के लोकपाल हैं; वे विश्रवा मुनि के पुत्र और रावण के सौतेले भाई हैं, और अलकापुरी …
बृहस्पति
Brihaspatiबृहस्पति — देवताओं के पुरोहित और वाणी-शास्त्र के आचार्य। भा. ३.१.२५ में उद्धव की बुद्धि की तुलना उन्हीं से की गई है: विदुर उद्धव को 'बृहस्पत…
अग्नि
Agniअग्नि — देवता; सरस्वती पर 'रथाग्नि' के नाम से उनका तीर्थ है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित तीर्थों में उनका उल्लेख है: 'पृथोरथाग्नेरसितस…
त्वष्टा
Tvashtarत्वष्टा — देवता, विराट्-पुरुष के नेत्रों के लोकपाल। भा. ३.६.१५ में मैत्रेय कहते हैं: 'निर्भिन्ने अक्षिणी त्वष्टा लोकपालोऽविशद्विभोः । चक्षुष…
मित्र
Mitraमित्र — देवता, विराट्-पुरुष के गुद के लोकेश। भा. ३.६.२० में: 'गुदं पुंसो विनिर्भिन्नं मित्रो लोकेश आविशत् । पायुनांशेन येनासौ विसर्गं प्रतिप…
चन्द्र
Chandraचन्द्रमा — देवता, विराट्-पुरुष के हृदय का अधिष्ठाता। भा. ३.६.२४ में: 'हृदयं चास्य निर्भिन्नं चन्द्रमा धिष्ण्यमाविशत् । मनसांशेन येनासौ विक्र…
सूर्य
Suryaसूर्य — देवता। भा. ३.८.३१ में ब्रह्मा हरि का ध्यान करते हैं, जो 'सूर्येन्दुवाय्वग्न्यगमं त्रिधामभिः परिक्रमत्प्राधनिकैर्दुरासदम्' हैं — सूर्…
वेद
Vedasवेद — हिन्दू धर्म के सर्वप्राचीन प्रामाणिक ग्रंथ: ऋग्, यजुः, साम, अथर्व चार संहिताएँ और उनके ब्राह्मण-आरण्यक-उपनिषद् साहित्य; संकलन परम्परा …
श्रीमद्भागवत
Srimad Bhagavata Puranaश्रीमद्भागवत पुराण — अष्टादश महापुराणों में श्रेष्ठ, वेदव्यास-विरचित, कृष्ण-भक्ति-केन्द्रित ग्रंथ; वैष्णव परम्परा इसे 'पाँचवा वेद' कहती है। …
वेदव्यास
Vyasaव्यास — भागवत के रचयिता; नारद के निर्देश के बाद बदरिकाश्रम में भक्तियोग से ध्यान कर पुरुष और माया के दर्शन किए और भागवत रचा। रचकर पुत्र शुक …
शुकदेव
Sukaशुकदेव — व्यास के पुत्र, भागवत-कथा के प्रथम वक्ता: जन्म से विरक्त महामुनि जिन्होंने प्रायोपविष्ट परीक्षित को सम्पूर्ण भागवत सुनाया। भा. १.४.…
नैमिषारण्य
Naimisharanyaनैमिषारण्य — भारत के प्राचीनतम पवित्र तीर्थ-आश्रमों में से एक, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश (सीतापुर के पास मिश्रित नैमिष क्षेत्र) में स्थित माना…
शौनक
Shaunakaशौनक — वैदिक-पौराणिक परम्परा के प्रसिद्ध ऋषि: ऋग्वेद के शाखा-सूत्र-ग्रंथों (ऋक्प्रातिशाख्य आदि) के प्रणेता; भागवत-कथा के प्रश्नकर्ता सभापति।…
नैमिषारण्य के ऋषिगण
Sages of Naimisharanyaनैमिषारण्य के ऋषिगण — भागवत-कथा के श्रोता-प्रश्नकर्ता सामूहिक ऋषि-सभा — शौनक के नेतृ्व में हैं। संसाधित पदों में इन्होंने लोक-कल्याण हेतु सह…
सूत
Sutaसूत — भागवत के बाह्य कथा-फ्रेम के वक्ता: व्यास के शिष्य रोमहर्षण के पुत्र, पुराण-इतिहासों के विशेषज्ञ कथावाचक। भा. १.४.२२ में स्वयं स्वीकार:…
पुराण
Puranasपुराण — हिन्दू धर्म के प्राचीन स्मारक ग्रंथ-समूह हैं जो सृष्टि-वर्णन, मन्वन्तर, वंशावली, राजवंश-वृत्त और देव-देवी माहात्म्य का निरूपण करते ह…
इतिहास
Itihasasइतिहास ('ऐसे ही अवश्य हुआ') — महाकाव्य-परम्परा के ग्रंथ हैं, विशेषतः रामायण और महाभारत, जो धर्म-नीति-मोक्ष के शिक्षाप्रद इतिहास कथाएँ हैं और…
धर्मशास्त्र
Dharma Shastrasधर्मशास्त्र — स्मृति-साहित्य की वह शाखा है जो वर्णाश्रम-धर्म, संस्कार, व्यवहार (न्याय), प्रायश्चित्त और राजधर्म का विधान करती है; मनुस्मृति,…
देवकी
Devakiदेवकी — कृष्ण-कथा की केन्द्रीय मातृ-पात्र हैं: मथुरा के राजा उग्रसेन-वंश के देवक की पुत्री, वसुदेव की पत्नी और कृष्ण की माता; परम्परा में इन…
वसुदेव
Vasudevaवसुदेव — कृष्ण के पिता हैं: यादव-कुल के शूरसेन-वंशीय प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, देवकी के पति; कृष्ण का 'वासुदेव' विशेषण इन्हीं के नाम से बना है …